कोटा।खैरा..बेमौसम बरसात होने से धान की खरीदी बंद हो गया है।मौसम के बदलते करवट ने किसानों सहित धान खरीदी केंद्र प्रभारी की चिंता बढ़ा दी है। बारिश के कारण खरीदी बंद होने से किसान अपनी धान नहीं भेज पाने असमर्थ हैं।खरीदी अनुरूप उठाव नहीं होने से धान को बारिश से सुरक्षित रखना केंद्र के लिए बड़ी समस्या बनी हुई हैं।तो वही तय खरीदी की निर्धारित तिथि बढ़ाने किसान अब मांग कर रहे हैं। कोटा विकासखंड अंतर्गत स्थित आदिवासी सेवा सहकारी समिति चपोरा पं.क्र.3087 धान खरीदी केंद्र में 24 ग्राम के 2190 पंजीकृत किसानो से 137625.574 क्विंटल धान खरीदी करना हैं। जिसमें से अब तक कुल 83149.20 क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है।शेष 54476 क्विंटल धान खरीदी करना अभी भी बाकी है। किसानों से की गई धान की खरीदी का महज 30330 क्विंटल धान का उठाव हो पाया है।जबकि बचत 52819.20 क्विंटल धान अभी भी केंद्र में पड़ा हुआ है। उपार्जन केंद्र में लगातार अधिकारियों की निगरानी के बाद भी धान खरीदी केंद्र की स्थिति बदहाल होती जा रही है।समय पर धान का उठाव नहीं होना जिसका मुख्य कारण बनता जा रहा है।मौसम विभाग की लगातार चेतावनी के बाद भी मौसम के बदलते करवट की अनदेखी कर करोड़ों रुपए राशि के धान को बारिश से बचाने समय पर उठाव कर सुरक्षित रखने समुचित व्यवस्था करने की बजाय धान उठाव के नाम पर महज खानापूर्ति की जा रही है। अतिवृष्टि होने की वजह से हर वर्ष केंद्र में रखा हुआ धान का खराब होना अब आम बात हो गई।बावजूद इस पर मंथन करने की बजाए प्रतिवर्ष गलती दोहराई जाती है।जिससे धान परिदान के बाद यदि धान की कमी आती हैं,तो इसके जवाबदेही की जिम्मेवार को लेकर अब सवाल उठने लगा है।

उठाव की रफ्तार धीमी,जाम हो रहा मंडी —-केंद्र में प्रतिदिन किसानों से 7 हजार क्लिंटन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है।मंसा अनुरूप खरीदी के बाद केवल 15 सौ से 2 हजार बोरी धान मिलो को जारी किया जा रहा है।धान का पर्याप्त उठाव नहीं होने की स्थिति में केंद्र में लगातार किसानों से खरीदी की गई धान की बढ़ोतरी हो रही है। जिसकी वजह से पूरा उपार्जन केंद्र चारों ओर से जाम पड़ा हुआ है।जो किसानों सहित प्रबंधन के लिए मुसीबत बना हुआ है।

 

किसानों को धान बेचने में होती है परेशानी—मुख्य खरीदी केंद्र के अलावा आदिवासी सेवा सहकारी समिति मर्या चपोरा द्वारा शरीफ धान उपार्जन के लिए पर्याप्त की मांग की गई थी।जिस पर एसडीम कोटा द्वारा त्वरित संज्ञान लेते हुए शासकीय भूमि खसरा नंबर 71.1 भूमि में लगभग 2 से 3 एकड़ जगह का चयन किया गया। पर्याप्त जगह होने के साथ-साथ दोनों उपार्जन केंद्र में धान का जमाव होने से धान बेचने के लिए किसानों को पूरे दिन मशक्कत करनी पड़ती है।

गोवर्धन सिंह आर्मो सदस्य निगरानी समिति —

केंद्र में धान का उठाव नहीं के बराबर हो रहा है। उठाव नहीं होने से पूरा केंद्र धान की बोरियों से भरा पड़ा हुआ है। जगह की कमी होने से किसानों सहित समिति को खरीदी करने की समस्या होती है। शासन प्रशासन को धान के उठाव के लिए पर्याप्त व्यवस्था करना चाहिए।ताकि चोरी,बे-मौसम बरसात जैसी समस्या का सामना करना ना पड़े।

 

गणेशराम पटेल ग्रामीण किसान –बारिश की वजह से धान खरीदी बंद है। खरीदी का समय 31 जनवरी निर्धारित है।तय तारीख तक सभी किसानों से धान खरीदना संभव नहीं है। इसलिए धान खरीदी की तिथि 15 दिन और बढ़ाई जाए। ताकि सभी किसानों की धान बिक्री हो सके।

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