बिलासपुर । बिलासपुर जिला मुख्यालय से 25 कि.मी. की दूरी पर स्थित मस्तुरी विकासखण्ड के ग्राम-रिस्दा निवासी  अनुप कुमार का मुख्य पेशा कृषि है। प्रत्येक वर्ष इन्हें कृषि कार्य जैसे खेतों की जुताई के लिए किराये के ट्रेक्टर पर निर्भर रहना पड़ता था, जिस कार्य हेतु इन्हें काफी राशि प्रत्येक वर्ष खर्च करनी पड़ती थी। खेती किसानी से होने वाली आमदनी का कुछ हिस्सा हर वर्ष खेतों की जुताई में ही चला जाता था। इससे उनके मन में विचार आया कि स्वयं का ट्रेक्टर हो जाये तो प्रत्येक वर्ष जुताई पर होने वाले खर्च को बचाया जा सकेगा। साथ ही घर पर ट्रेक्टर आ जाने से समाज में प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी। अपनी इसी सोच को ये मन में लिये एक दिन जिला अंत्यावसायी कार्यालय आ पहुंचे, चंूकि इनके गांव के काफी लोगों ने विभागीय योजना का लाभ पूर्व में लिया हुआ था। इन्हें विभाग द्वारा संचालित रियायती ऋण योजनाओं की एवं अनुसचित जाति ट्रेक्टर ट्राली योजना की जानकारी भी थी। कार्यालय आकर उन्होंने ऋण आवेदन हेतु आवश्यक दस्तावेज, चयन प्रक्रिया, जमानती दस्तावेज, ब्याज दर, ऋण पुर्नभुगतान की प्रक्रिया आदि के संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त की।  अनुप कुमार ने अन्य वित्तीय संस्थाओं यथा-बैंक एवं अन्य फायनेंस संस्थाओं से भी ट्रेक्टर फायनेंस की प्रक्रिया, अंशदान राशि का हिस्सा, ब्याज दर आदि के संबंध में जानकारी पूर्व में ले लिया था, अतः इन्हें अंत्यावसायी विभाग द्वारा संचालित अजा ट्रेक्टर ट्राली योजना सर्वाधिक किफायती एवं सुविधाजनक महसूस हुई। उन्होंने बिना देर लगायें ही अपना ऋण आवेदन कार्यालय में प्रस्तुत कर दिया। समस्त ऋण वितरण संबंधी प्रक्रियाओं को पूर्ण करने के पश्चात् इन्हें ट्रेक्टर ट्राली रुपये 8.40 लाख का वितरण किया गया। इस तरह काफी समय से लंबित इनकी इच्छा पूर्ण हुई। अब ये स्वयं ट्रेक्टर मालिक बन गये है एवं इस ट्रेक्टर से अपने खेतों की जुताई कर रहे है। इससे उन्हें समृद्धि की नई राह मिल गई है।

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