छत्तीसगढ़बिलासपुर संभाग

बिलासपुर से उसलापुर के बीच रेल फ्लाईओवर में कल से दौड़ेगी ट्रेन,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकार्पण कर राष्ट्र को करेंगे समर्पित ।

बिलासपुर से उसलापुर के बीच रेल फ्लाईओवर में कल से दौड़ेगी ट्रेन,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकार्पण कर राष्ट्र को करेंगे समर्पित ।

 

बिलासपुर। बिलासपुर से उसलापुर के बीच बने 10.4 किमी लंबे रेल फ्लाईओवर का 24 फरवरी को दोपहर 12:30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकार्पण कर राष्ट्र को समर्पित करेंगे। पूरा कार्यक्रम वीडियो कान्फ्रेस के जरिए होगा। इस कार्यक्रम को लेकर रेलवे का अमला जुटा हुआ है। लोकार्पण के बाद विधिवत ढंग से मालगाड़ियों का परिचालन प्रारंभ हो जाएगा। भविष्य में इस फ्लाईओवर का उपयोग यात्री ट्रेनों को चलाने के लिए भी किया जाएगा।

फ्लाईओवर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में एक है। इसका निर्माण पिछले कुछ साल से युद्ध स्तर पर जारी था। रेलवे का हर एक विभाग अपने-अपने स्तर पर कार्य को पूरा करने की जुगत लगा रहा था। सभी के परिश्रम का नतीजा है कि पिछले दिनों फ्लाईओवर बनकर तैयार हो गया। जब यह बन गया, उसके बाद स्थानीय स्तर पर रेलवे की टीम ने इसका निरीक्षण किया। जांच के बाद जब वह पूरी तरह संतुष्ट हो गए, उसके बाद रेलवे के सेफ्टी कमिश्नर को निरीक्षण के लिए आमंत्रित किया गया। पिछले दिनों सेफ्टी कमिश्नर से सुबह से लेकर शाम तक फ्लाईओवर में हुए अलग-अलग विभागों के सारे कार्यों का बारीकी से मुआयना किया। मुख्यालय लौटने के बाद उन्होंने फ्लाईओवर को ट्रेनों के परिचालन के लिए स्वीकृति दे दी है। फ्लाईओवर पर अभी ट्रायल के रूप में मालगाड़ी चल रही है। इस महत्वपूर्ण परियोजना का देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकार्पण कर राष्ट्र का समर्पित करेंगे। स्टेशन उस पार इस लोकार्पण समारोह की तैयारियां की जा रही है। इस अवसर जोन व मंडल के आला अफसरों के अलावा कर्मचारी मौजूद रहेंगे। परिचालन शुरू होने से अब अप लाइन हावड़ा की ओर से आकर कटनी दिशा की ओर जाने वाली मालगाड़ी इस मार्ग से अविलंब उसलापुर होकर कटनी की ओर जा सकेंगी। इतना ही नहीं बिलासपुर-रायपुर-बिलासपुर दिशा की ट्रेनों को नियंत्रित नहीं करना पड़ेगा। अब स्वीकृति मिल गई। इसलिए अफसरों की मौजूदगी में शुक्रवार की रात 11:05 बजे कोयल लोड एक मालगाड़ी को चलाई गई।बाक्स-अब नहीं थमेंगी ट्रेनें फ्लाईओवर के अभाव में पहले मेन लाइन की ट्रेनों का परिचालन बाधित होता था। जब हावड़ा की ओर कोई ट्रेनें कटनी दिशा पर जाती थी, उस समय मेन लाइन पर ट्रेनों का परिचालन रोकना पड़ता था। इस वजह से ट्रेन 40 से 45 मिनट तक आउटर पर खड़ी रहती थी। इसके चलते यात्रियों को परेशानी होती थी। यात्री अक्सर ट्रेनों को आउटर पर रोकने की शिकायत करते थे।बाक्स-फैक्ट फाइल0 फ्लाईओवर की लंबी – 10.4 किमी0 लागत – 303 करोड़ रुपये0 काम पूरा होने की अवधि – तीन साल लगभगबाक्स-60 किमी प्रतिघंटे की गति से चलेंगी ट्रेनेंसेफ्टी कमिश्नर ने फ्लाईओवर पर मालगाड़ी व ट्रेनों के परिचालन के लिए 60 किमी प्रतिघंटे की गति निर्धारित की है। नई लाइन सेफ्टी कमिश्नर ही निर्धारित करते हैं कि परिचालन गति कितनी होगी। रेलवे इस निर्देश का पालन करेगी।बाक्स- ये मिलेगा लाभ 0 सेक्शन की क्षमता वृद्धि के साथ मेन लाइन पर यातायात को स्मूथ बनाने में मदद। 0 ट्रेनों की गति बढ़ेगी और गंतव्य तक पहुंचने में कम समय लगेगा।0 बिजली तापघरों तक तेज गति से होगी कोयले आपूर्ति। 0 आर्थिक विकास में वृद्धि के साथ रोजगार की संभावनाएं भी प्रबल होगी।बाक्स- 50 मेगावाट सोलर पावर प्लांट का भी करेंगे लोकार्पण पीएम मोदी फ्लाईओवर के साथ भिलाई में निर्मित 50 मेगावाट सोलर प्लांट का भी लोकार्पण करेंगे। रेलवे का मुख्य कार्यक्रम भिलाई में ही होगा। 280 करोड़ के इस प्लांट क्लीन एनर्जी के संकल्पना का विकास होगा। कार्बन डाईआक्साइड के उत्सर्जन में प्रतिवर्ष 86,000 टन की कमी आएगी। इसके अलावा जलवायु परिवर्तन के बढ़ते खतरे से निपटने में यह सोलर पावर प्लांट महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

भारतीय रेल की ऊर्जा आवश्यकता की आपूर्ति के साथ-साथ यह सोलर पावर प्लांट राजस्व की बचत करेगा।बाक्स- 26 को जोन के उसलापुर समेत 27 स्टेशनों के पुनर्विकास की रखेंगे आधारशिला देश में रेल विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की महत्वपूर्ण कड़ी में 26 फरवरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 554 महत्वपूर्ण स्टेशनों के पुनर्विकास कार्य का शिलान्यास वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम करेंगे। इनमें जोन के उसलापुर, नैला, चांपा, रायगढ़, बाराद्वार, बेलपहाड, ब्रजराजनगर, पेंड्रारोड, अनूपपुर, शहरडेल, उमरिया, बिजुरी, बैकुंठपररोड, अंबिकापुर, कोरबा, बिल्हा, भाटापारा, निपनिया हथबंद, सरोना, भिलाई, भिलाई नगर, मंदिर हसौद, भानुप्रतापपुर, दल्लीराजहरा, डोंगरगढ़, राजनांदगांव समेत 27 रेलवे स्टेशन शामिल हैं। इससे पहले अगस्त 2023 में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 508 स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला रखी जा चुकी है।

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