मनमोहन सिंह✍️

कोटा। रतनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्रामीण अंचल पचरा पुडू मार्ग के घने जंगलों में जुआ का खेल पांव पसारता जा रहा है।दोपहर के बाद पुलिस को चकमा देने मुखबिरो की निगरानी में 52 परी का महफिल सजता है।ग्रामीण क्षेत्र में सौ प्रतिशत अवैध कारोबार को बंद कराने में सहयोग देने स्व-सहायता समुह की महिलाओं ने रतनपुर थाने में आवेदन किया था।बावजूद इसके जुुआ का खेल खुेेलेआम फल फूल रहा हैं।  एक और जहां आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र की महिलाएं एकजुट होकर गांव की वातावरण को सुखी व शांति बनाने निरंतर अवैध कारोबार को बंद करवाने में जुटी हुई है।निरंतर प्रयास के बाद गांव में अवैध शराब और जुआ का कारोबार में नकेल कसने से लगभग बंद की कगार पर जा पहुंची थी।जो अब पुनः बढ़ती जा रही है।विगत कई माह से ग्रामीण क्षेत्र के घने जंगलों में जुआ का अवैध खेल अपनी चरम सीमा पर चल रही है।जो कार्यवाही नहीं होने की अभाव में बिना किसी डर भय के दिन ढलते तक चलता ही रहता है।पुलिस इनके ठिकाना तक ना पहुंचे इसके लिए बकायदा खैरा स्थित पुडू चौक और पचरा पुडू मार्ग में मोबाइल धारक मुखबीर तैनात किया जाता है,जो निरंतर फड़ के मुखिया जानकारी भेजते रहते हैं। ताकि पुलिस जुआरियों को पकड़ने पहुंचे, इससे पहले ही खबर मिल सके। लगातार चल रही थी कितने युवाओं में जुआ खेलने ललक बढ़ती जा रही है। जो स्वयं के साथ परिवार के कलह का कारण बनेगा।

 

मुखबिरी तंत्र फेल

लाखों रुपए की चल रही जुए की जानकारी पुलिस को नहीं है जिसके चलते क्षेत्र के लोगों का मानना है कि पुलिस की मुखबिरी तंत्र फेल हो गई है जिसके चलते क्षेत्र में इतनी बड़ी चल रही जुआ के संबंध में उसे कोई जानकारी नहीं है ।

जुआरियों की वाहन खड़ी हो रही

जुआरी अपने  कार को मुख्य मार्ग में खड़ी कर देते हैं और बाइक से जुआ खेलने फड़ तक पहुंच रहे हैं । यहां से दोपहिया वाहनों का जमावड़ा लगा रहता है।

जुआरियों के मुखबिर  तेजतर्रार

क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि जुआरियों के मुखबिर काफी तेज तर्रार हैं वे हर किसी व्यक्ति पर नजर रखे हुए रहते हैं जैसे ही कोई जुआ फड़ रास्तों से गुजरता है तत्काल उनकी लोकेशन वे जुआ संचालक को बताते हैं जिसके चलते इस जुए को पकड़ना पुलिस विभाग के लिए एक चुनौती है ।

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