बिलासपुर कोटा। कोरोना काल में कोटा सिचाई विभाग द्वारा सलका नवागांव में कराए जा रहे निर्माण कार्य अब सवालों के घेरे में नजर आ रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार लाखों रुपए की लागत से भूमि संरक्षण विभाग के द्वारा निर्मित फेलियर पुराने डेम को नवनिर्मित डेम का निर्माण का रूप दिया जा रहा है। मौके पर विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की गैर मौजूदगी में ठेकेदार द्वारा नियम शर्तों को ताक पर रख महज खाना पूर्ति का कार्य कराया जा रहा और विभाग द्वारा अनाप शनाप भुगतान किया जा रहा है।

सलका नवागांव के ग्रामीणों की माने तो डेम के नीचे बसे ग्रामीणों के मकानों में डेम निर्माण के बाद डेम में जल भराव के बाद डेम से पानी का सीपेज उनके घरों को नुकसान पहुंचा सकता है। पूर्व में बने डेम में बरसात के दौरान भरे पानी से निचले हिस्से पर बने दर्जनों ग्रामीणों के मिट्टी के बने घरों को नुकसान हुआ था।
ग्रामीणों की माने तो गाँव का एकलौता मरघट पानी भरने से डुबान में आ जाएगा जिससे बरसात के दिनों में दाह संस्कार कर्म में कठिनाई होगी।
ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार अधिकारियों की आंखों में धूल झोंककर पुरानी तालाब से निकलने पिचिंग का बोल्डर पत्थर का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर लाखों रुपए का भ्र्ष्टाचार कर रहा है।

सवाल ये की जब भूमि संरक्षण विभाग लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी बनाए गए डेम से वहां के लोगों को पानी उपलब्ध नहीं करा पाया तो ऐसे में जल संसाधन विभाग कोटा के अधिकारियों नें किस वजह से ऐसा काम करने का बीड़ा उठाया जिसमें सफलता कम नजर आती है?

MOV_0208https://thebilasatimes.com/wp-content/uploads/2021/05/MOV_0208.mp4 वीडियो देखें

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  • तस्वीरों में ठेकेदार द्वारा किया जा रहा भृष्टाचार साफ नजर आता है जरूरत है अधिकारियों की उपस्थिति और ठेकेदार से नियमानुसार कार्य लेने की साथ ही साथ ग्रामीणों की समस्या का निराकरण करने की ताकि डेम निर्माण के बाद उनका घर कम से कम बर्बाद न हो।

पार्ट 2 हमारे पाठकों के लिए कोटा सिचाई विभाग का एक और बड़ा भ्रष्टाचार जल्द ही।

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