बिलासपुर मां बच्चो की पहली गुरु है मां बच्चो के लिए अनेकों तप करती है दुख सहती है खुद भूखी रह लेती है पर अपने बच्चों को भूखा नहीं रखती,

मां के महत्व को बच्चो को समझने के लिए सीमा ने निबन्ध प्रतियोगिता आयोजित किया जिसमें 50 बच्चो ने भाग लिया।

बच्चो ने अपनी अपनी मां के बारे में लिखा

किसी ने अपनी मां के हाथो बने खाने की तारीफ की किसी ने अपनी मा को दुनिया की सबसे अच्छी मां बताया।

बच्चो के मन की बात को जानने के लिए ही सीमा ने यह निबंध प्रतियोगिता आयोजित की ताकि बच्चो के मन में अपनी मां के लिए जो प्रेम है उसे शब्दों में पिरोया जाए

सीमा ने बच्चो के द्वारा लिखी गई निबन्ध को उनके मताओ के सामने पढ़ कर सुनाया जिससे कई मताए भावुक हो गईं।

सीमा का मुख्य उद्देश्य बच्चो को पढ़ाई के साथ साथ,संस्कारवान बनाना है।वहीं बच्चो के अंदर के डर को साहस में बदलने का कार्य कर रही ताकि बच्चों को भविष्य सुनहरा हो बच्चें अपने अंदर की प्रतिभा को पहचान सके परिस्थिति से कभी हार नहीं मानना यही बातें सीमा के फ्री ट्यूशन क्लास में पढ़ाई के अलावा भी यह सिखाई जाती है।

सीमा सोशल मीडिया पर लगातार लोगो से अपील करती है अपने आस पास के बच्चो को शिक्षा से जोड़े।दिया तले अंधेरा ना बने।अब तक इन्होंने 13 हजार से अधिक बच्चो को स्टेशनरी बांटे,33बच्चो के साल साल भर की फीस भारी,50 बच्चो को फ्री ट्यूशन क्लास दे रही।खुद एक कॉलेज स्टूडेंट है लेकिन फिर भी बिना किसी एनजीओ के इस तरह से बेहद  सराहनीय कार्य इनके द्वारा दिया जा रहा है।

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