बिलासपुर – शहर में गोली चलाकर हत्या करने व दहशत का माहौल बनाने वाले गोलीकांड के दोनों आरोपियों ने तोरवा थाने पहुँचकर आत्मसमर्पण कर दिया है।। तोरवा पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मुख्य आरोपी संजय पांडे और उसके सहयोगी ने आत्मसमर्पण किया है, इनके कब्जे से पुलिस ने घटना में उपयोग किया गया कट्टे और वाहन को जब्त कर लिया है—–

गोलीकांड का पुरा मामला इस प्रकार था।

दरअसल पुरा मामला तोरवा थाना क्षेत्र के लाल खदान इलाके की थी जहां देखते देखते एक आदतन आरोपी संजय पाण्डेय ने दूसरे बदमाश बिल्लू उर्फ सुनील श्रीवास पर गोली से फायर कर फरार हो गया था। इस तरह दिनदहाड़े गोली चलने की खबर से पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ था। इस दौरान घायल को इलाज के लिए तत्काल अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया,जहां डाक्टरों ने बताया की घायल युवक अपोलो पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया था।

 

निगरानीसुदा अपराधी व सजायाफ्ता बदमाश था आरोपी और मृतक।

गोली चलाने वाला तोरवा क्षेत्र का निगरानी सुदा अपराधी था।और जिसकी गोली लगने से मौत हुई वो भी सजायाफ्ता बदमाश बताया जा रहा है।दोनों की आपसी पुरानी रंजीश की बात पर इस तरह से अपराध को गोली मारकर अंजाम दिया गया। दोनों के खिलाफ तोरवा थाना में अलग-अलग अपराधों में मामला दर्ज होने की बात सामने आई थी।

रेकी कर घटना को दिया था अंजाम।

गौरतलब है कि 28 दिसंबर की शाम लालखदान में बिल्लू उर्फ सुनील श्रीवास को घर के बाहर आरोपियों ने रेकी कर गोलीमार कर हत्या कर दी थी, तब से दोनों आरोपी फरार चल रहे थे।

पुलिस के दबाव के बीच किया सरेंडर।

पुलिस के बढ़ते दबाव के बीच आखिरकार दोनों आरोपियों ने थाने में सरेंडर कर दिया है। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने एनकाउंटर के डर से आत्मसमर्पण किया है।

परिजन को उपसरपंच के उपर था शक।लेकिन शपथ पत्र के बाद छुटा उप सरपंच।

नाटकीय घटनाक्रम के बाद तीन दिन बाद मामले की रिपोर्ट लिखाने वाले मृतक के भतीजे आकाश श्रीवास ने शपथ पत्र तोरवा थाना प्रभारी को दिया है।जिसमें लिखा है कि आकस्मिक घटना होने से क्षुब्ध होकर उप सरपंच को राय का नाम बताया था CCTV फुटेज में वह घटना के समय घर पर हि उपस्थित दिख रहें हैं।शपथ पत्र देने के बाद थाना प्रभारी परिवेश तिवारी ने मामले में सहयोग करनें की हिदायत देकर उसे छोडा गया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here